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100+unique fantasy and science fiction stories in hindi जादुई दुनिया and रहस्यमयी दुनिया

बाबा की सीख का असर

 यह एक कहानी है एक लड़के की, या फिर मेरी नहीं, लेखक कहना सही होगा। हाँ, "लेखक" शब्द अच्छा लगता है, किसी को पता नहीं चलेगा कि यह कहानी किसकी है, लेकिन जिस जगह की यह कहानी है, वहाँ के लोग शायद जान जाएं। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। तो ऐसे में मैं यह सब लिखता रहूंगा। अब मैं, यानी लेखक, यानी वो लड़का... ये क्या सस्पेंस दे रहा हूँ? अरे नहीं, क्या बात कर रहा हूँ, "यार, मैं खुद से ही बात करता रहता हूँ।" आइए, मैं बताता हूँ उस लेखक के बारे में, यानी मैं खुद। तो अब... मेरा नाम, अरे नहीं, अपना नाम नहीं लिखना है, नाम की जगह "लेखक" लिखना है। ठीक है भाई! क्या बात है, मैं खुद को भाई कह रहा हूँ। तो मैं लेखक, बात उस समय की है जब समय था...लगभग मुझे याद नहीं, लेकिन मैं बताता हूँ, यह बात सन 2005 की है। उस समय मेरी उम्र लगभग 6 साल रही होगी। हमारा सरकारी स्कूल हमारे घर से बहुत दूर था, और हाँ, दूर तो अब भी है, बच्चों के लिए। हमारे घर से थोड़ी दूर एक गाँव था। उस गाँव में एक बाबा रहते थे। मतलब अब वो बाबा नहीं हैं। वह गाँव के बच्चों को पढ़ाया करते थे। जिन्होंने बाबा से शिक्षा ली...

जंगली बाबा और शरारती लड़के (भाग 2)

  जंगली बाबा और शरारती लड़के ( भाग 2) जैसे ही जंगली बाबा ने अपनी भारी लाठी उठाई और चिल्लाए , उन तीनों लड़कों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। अमरूद उनके हाथ से गिरने ही वाले थे , लेकिन उन्होंने जल्दी - जल्दी उन्हें अपनी जेबों में ठूंस लिया। उनकी धड़कनें तेज हो गईं , और अब उनकी नजरें बाबा की लाठी पर थीं जो हवा में घुमाई जा रही थी। " भागो !" संदीप ने धीरे से कहा , लेकिन उसकी आवाज में डर साफ झलक रहा था। तीनों लड़के एक पल में पेड़ से नीचे कूद पड़े और खेतों की ओर दौड़ लगा दी। लेकिन जंगली बाबा की उम्र के बावजूद उनकी तेज़ नजरें और मजबूत लाठी ने उन्हें आसानी से छोड़ने का कोई इरादा नहीं जताया। बाबा उनके पीछे दौड़ पड़े , लाठी हवा में लहराते हुए। संदीप और प्रदीप , जो बाबा को उलझाए हुए थे , भी डर के मारे चुप हो गए और चुपके से पीछे हटने लगे। उन्हें लगा था कि बाबा का ध्यान अमरूद तोड़ने वाले लड़कों पर ही रहेगा , और वे इस पूरे झमेले ...

जादुई चाँदनी

  जादुई चाँदनी जादुई जंगल के ह्रदय में, जहाँ पेड़ अपनी फुसफुसाहटों में रहस्य छुपाए रखते थे और नदियाँ सदियों पुराने गीत गाती थीं, वहाँ एक ऐसी जगह थी जो समय की पकड़ से परे थी। इस जगह के बारे में कहा जाता था कि यहाँ एक दिव्य आत्मा निवास करती थी, जो चाँदनी की रोशनी के नीचे छुपी रहती थी। उसका नाम था सेलेन , एक रहस्यमयी जादूगरनी, जिसके बारे में कहा जाता था कि वह चाँदनी, भावनाओं की लहरों और इच्छाओं के जादू को नियंत्रित करती थी। उस रात पूर्णिमा का चाँद आसमान में नीचा और भारी दिखाई दे रहा था, उसकी मद्धम, चांदी सी चमक हर चीज़ को अलौकिक प्रकाश से नहला रही थी। एड्रियन , एक दूरस्थ भूमि का योद्धा, उस जंगल के घने पेड़ों के नीचे चल रहा था, किसी अज्ञात शक्ति से खिंचा हुआ, जिसे वह समझ नहीं पा रहा था। उसने इस जादुई जंगल की कई कहानियाँ सुनी थीं, पर कभी यह कल्पना नहीं की थी कि यह उसे इस तरह बुलाएगा—एक ऐसा आकर्षण जो उसकी तर्कसंगत सोच को पार कर, उसकी आत्मा के गहरे हिस्सों तक पहुँच गया था। एड्रियन ने कई रोमांचक यात्राएँ की थीं, लेकिन इस जंगल का आकर्षण कुछ अलग ही था, मानो यह जगह उसे अपने भीतर खींच रही हो। ...